पंजाब में सुरक्षा पर 'सियासी जंग': भाजपा का मुख्यमंत्री के खिलाफ आर-पार का ऐलान
BJP Declares All-Out Battle Against Chief Minister
चंडीगढ़। BJP Declares All-Out Battle Against Chief Minister, पंजाब में धमाकों और सुरक्षा हालात को लेकर सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयान पर केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने तीखा पलटवार करते हुए इसे गैर जिम्मेदाराना करार दिया है, वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री को पद से हटाने की मांग को लेकर प्रदेशव्यापी अभियान छेड़ने का ऐलान कर दिया है।
रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि राज्य में लगातार ब्लास्ट और ग्रेनेड हमलों की घटनाएं हो रही हैं, जिससे हालात चिंताजनक बने हुए हैं। ऐसे समय में मुख्यमंत्री की ओर से भाजपा पर आरोप लगाना वाहियात है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री में हिम्मत है तो भाजपा के नाम पर पर्चा दर्ज करवाएं, यहां तक कि उनके नाम पर भी केस दर्ज करा दें।
सीएम कर रहे राजनीतिक बयान: बिट्टू
बिट्टू ने कहा कि डीजीपी खुद इन घटनाओं के पीछे आईएसआई की भूमिका की बात कर रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री राजनीतिक बयानबाजी कर लोगों को आपस में लड़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री को इस तरह के बयान देने के बजाय सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय करना चाहिए था। आर्मी हेडक्वार्टर और बीएसएफ अधिकारियों से मुलाकात कर उनका मनोबल बढ़ाना चाहिए था। बिट्टू ने तंज कसते हुए कहा कि इस तरह की भाषा तो किसी कौंसलर तक को शोभा नहीं देती।
सुनील जाखड़ ने क्या कहा?
उधर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए बड़ा राजनीतिक कदम उठाने की घोषणा की है। जाखड़ ने कहा कि पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ती आतंकी गतिविधियां और सुरक्षा मामलों पर सरकार का रवैया बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि भाजपा अब प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलाएगी और मुख्यमंत्री को पद से हटाने की मांग को लेकर राज्यपाल से मुलाकात करेगी।
जाखड़ ने हालिया बम धमाकों और हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि जब सुरक्षा एजेंसियां सीमा पार से संचालित नेटवर्क और आईएसआई की भूमिका की जांच कर रही हैं, तब मुख्यमंत्री के बयान स्थिति को और गंभीर बना रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। भाजपा ने साफ किया है कि वह इस मुद्दे को संवैधानिक तरीके से उठाएगी और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर सरकार की विफलताओं का पूरा ब्यौरा देगी। पार्टी का कहना है कि पंजाब की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए वह हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।